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Prof U R Rao Dr. Vikram Sarabhai

मुखपृष्ठ : विज्ञान उन्नयन : उपग्रह प्रौद्योगिकी दिवस

गत अद्यतन: 24-Feb-2019

अप्रैल 1975 का उन्नीसवा दिन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक दिवस है। इस दिवस पर, भारत के प्रथम उपग्रह “आर्यभट्टा” का सफलतापूर्वक प्रमोचन किया गया, जिसने उपग्रह प्रौद्योगिकियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। इस अवसर के स्मरण में, वर्ष 2000 से हर वर्ष 19 अप्रैल को से प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें उपग्रह प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए गए विभिन्न उपलब्धियों को दर्शाया जाता है।

उपग्रह प्रौद्योगिकी दिवस-2017 :

इस वर्ष आर्यभट्टा व्याख्यान, अति विशिष्ट मुख्य अतिथि सुश्री.किरण मजूमदार शॉ, अध्यक्ष व प्रबंधन निदेशक, बयोकॉन लिमिटेड, बेंगलूरु द्वारा दिया गया।

Tतकनीकी लेख प्रस्तुतीकरण :
सभी इसरो केन्द्रों को नावेल्टी पर जोर देते हुए, निरूपित परिणाम कक्षा पर तथा/भू पर-नए अभिकल्प संकल्पनाएँ, सैद्धांतिक मॉडलिंग तथा विश्लेषण, नई सामग्रियाँ तथा अंतरिक्षयान प्रणालियों में उनके कार्य का क्षेत्र, परीक्षण की नई विधाएँ, उत्पादन तथा स्वचालन हेतु अंतरिक्षयान प्रणालियों के मानकीकरण जैसे ,सात वर्गो में जारी किया गया है।इसके लिए इसरो समुदाय से बहुत ही उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया मिली और उनहत्तर लेख प्राप्त किए गए। चयनित विषय को सुविज्ञों द्वारा अतिसावधानी से लेखों का मूल्यांकन किया गया। उपग्रह प्रौद्योगिकी दिवस-2017 संगोष्टी के दौरान, प्रस्तुतीकरण हेतु 09 उत्कृष्ट लेखों का चयन किया गया। चयनित लेखों ने अंतरिक्षयान प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में प्राप्त किए गए अभिकल्प तथा विकास के बारे में प्रकाश डाला।उपग्रह प्रौद्योगिकी दिवस-2017 के कार्यवाहियों में आर्यभट्टा व्याख्यान के सार और चयनित नौ लेखों के पूरा पाठ का विमोचन किया गया। लेखकों को एक स्मृतिचिन्ह और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।

स्पॉर्क-नये विचारों के लिए प्लेटफार्मलेख प्रस्तुतीकरण:
नये विचारों को व्यक्त करने तथा नये अभियंताओं को अपने नवीन विचारों को व्यक्त करने हेतु युवा अभियंताओं को प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए, एक नये कार्यक्रम स्पार्क को उपग्रह प्रौद्योगिकी दिवस क्रियाकलाप के भाग के रूप में प्रारंभ किया गया है।स्पॉर्क को शुरू करने का कारण युवा उत्साही अभियंता, अपने अंतर-विषय कुशलता के साथ, एक अनुभवी परामर्शदाता के मार्गदर्शन में एक टीम बनाएंगे सकते हैं जिसमें उपग्रह आधारित प्रौद्योगिकी विज्ञान के अन्वेषक तथा उपग्रह आधारित(ऑनबोर्ड प्रणाली, भू प्रणाली/प्रचालन, विनिर्माण/उत्पादन, प्रक्रियाएँ, सामग्रियाँ, इत्यादि), अंतरिक्ष आधारित उपयोग और अंतरिक्ष आधारित उपयोग और अंतरिक्ष आधारित विज्ञान खोज क्षेत्रों में भविष्य (10-15 वर्ष के समयातराल पर)के उपयोग हेतु विकसित किया जा सके।

स्पॉर्क के लिए अत्युत्तम प्रतिक्रिया मिलीं।विषय वस्तु नवीन विचार के थे तथा युवा अभियंताओं द्वारा अनेक नए प्रस्ताव तथा विचार प्रस्तुत किए गए। ये प्रस्ताव युवाओं द्वारा किए गए, सच्चे प्रयत्नों को दर्शाता था। उपग्रह प्रौद्योगिकी व उपयोगों को लगभग सभी क्षेत्रों पर, अडतीस प्रस्ताव प्राप्त किए गए। लेख प्राप्ति हेतु दिए गए पत्र में उल्लखित विस्तृत वर्ग के आधार पर, समीक्षा हेतु उन्नीस सार चयनित किए गए। संकल्पना मौलिकता तथा औचित्य को प्राथमिकता दी गई। प्रत्येक सार के लिए संबंधित क्षेत्रों से तीन समीक्षकों द्वारा अंतिम प्रस्तुतीकरण के लिए आठ सार चुना गया और पोस्टर प्रस्तुतीकरण हेतु और दस चुने गए। सभी आठ प्रस्तुतीकरण के बारे में निर्णायकों के समूह द्वारा निर्णय लिया गया तथा तीन पुरस्कारों प्रदान किए गए।साथ ही सभी पोस्टर प्रस्तुतीकरण के सभी लेखकों को प्रमाणपत्र दिए गए। इस वर्ष, सभी समूहों तथा सुविधाओं से लगभग तीस पोस्टरों का प्रदर्शन किया गया और अत्युत्तम पोस्टर को एक रोलिंग ट्रोफी दू गई।

स्पॉर्क पर प्रस्ताव की स्थिति को ध्यान में न रखते हुए, हम टीमों से यह आग्रह करते हैं कि अपने विचारों को जारी रखते हुए उपग्रह प्रोद्योगिकी तथा उसके उपयोगों के अग्रणी क्षेत्रों में कार्य जारी रखें।