Home : Solar Low Energy X-ray Spectrometer (SoLEXS) on board Aditya-L1 Mission
Last updated on: 22-Jun-2026
आदित्य-एल1 मिशन पर स्थापित सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (SoLEXS)
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अवलोकन:
सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (SoLEXS) आदित्य-L1 पर लगा एक वैज्ञानिक उपकरण है, जो भारत की पहली समर्पित अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला है और लैग्रेंजियन बिंदु 1 (L1) पर संचालित होती है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सौर ज्वालाओं को समझना है, जो सौर वायुमंडल में चुंबकीय ऊर्जा के तीव्र उत्सर्जन से उत्पन्न होने वाले अचानक और अत्यधिक तीव्र विकिरण विस्फोट होते हैं। इन घटनाओं के अध्ययन के लिए सॉफ्ट एक्स-रे उत्सर्जन की निरंतर निगरानी आवश्यक है, क्योंकि ये ज्वाला गतिविधि और कोरोनल प्लाज्मा तापन का प्रत्यक्ष, वास्तविक समय माप प्रदान करते हैं। चित्र 1 इस क्षमता को दर्शाता है, जिसमें जनवरी 2024 से मई 2026 तक की अवधि को कवर करने वाला SoLEXS लाइट कर्व दिखाया गया है, जिसमें 15,000 से अधिक स्वचालित रूप से पता लगाई गई ज्वालाओं को कैप्चर किया गया है। SoLEXS को विशेष रूप से गतिशील निम्न-ऊर्जा एक्स-रे उत्सर्जन के निरंतर मॉनिटर के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस उपकरण को अंतरिक्ष खगोल विज्ञान समूह (SAG) ने URSC की विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से विकसित किया है।
वैज्ञानिक उद्देश्य:सोलेक्स (SoLEX) पेलोड के प्राथमिक वैज्ञानिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:● सौर लपटों और कोरोना के तापन के तंत्रों को समझना। ● कोरोना में मौजूद तत्त्वों की मात्रा का मापन करना और "प्रथम आयनीकरण विभव के प्रभाव की जाँच करना। ● आदित्य-एल1 और/या अन्य प्रचालनरत वेधशालाओं से प्राप्त सीएमई (कोरोनाल मास इजेक्शन) डेटा का उपयोग करके लपटों और कोरोनाल मास इजेक्शन (सीएमई) के बीच संबंध का अध्ययन करना। ● आदित्य-एल1 और/या इस अवधि के दौरान प्रचालनरत अन्य वेधशालाओं से प्राप्त प्रोमिनेंस डेटा का उपयोग करके लपटों और प्रोमिनेंस के उभारों का अध्ययन करना।
नीतभार अभिविन्यास:
सोलेक्सएस (SoLEXS) उपकरण, नरम एक्स-रे स्पेक्ट्रा को कैप्चर करने हेतु अत्याधुनिक संसूचक तकनीक, यानी ठोस-अवस्था सिलिकॉन ड्रिफ्ट संसूचकों का उपयोग करता है। यह उपकरण; -60°C और -40°C के तापमान पर प्रचालनरत दो एसडीडी संवेदकों-एसडीडी1 और एसडीडी2 से बने एक द्विक-एसडीडी (dual-SDD) अभिविन्यास का उपयोग करता है (चित्र 3)। इन संवेदकों में क्रमशः लगभग 7.1 मिमी² और 0.1 मिमी² के अलग-अलग द्वारक क्षेत्र हैं। इस दोहरे द्वारक अभिविन्यास का डिजाइन सौर एक्स-रे की तीव्रताओं की विस्तृत श्रृंखला को संभालने के लिए किया गया है, जिसमें शक्तिशाली एक्स-क्लास घटनाओं (एसडीडी2 का उपयोग करके) से लेकर कमजोर ए-क्लास सूक्ष लपटें (एसडीडी1 का उपयोग करके) शामिल हैं।
प्रमुख विशेषताएँ और क्षमताएँ• ब्रॉडबैंड ऊर्जा रेंज और विभेदन: सोलेक्सएसएस (SoLEXS) 2 से 22 के ई वी (keV) की ऊर्जा रेंज में काम करता है। एस डी डी तापीय सौर उत्सर्जन के विश्लेषण के लिए निरंतर स्पेक्ट्रल कवरेज प्रदान करते हैं और 5.9 के ई वी पर लगभग 170 ई वी (eV) का मध्यम ऊर्जा विभेदन प्राप्त करते हैं।● विस्तृत डायनामिक रेंज/: छोटे और बड़े सौर लपटों के लिए दो अलग-अलग द्वारक आकारों का उपयोग कर द्विसंसूचक अभिविन्यास, उपकरण को किसी भी संसूचक संतृप्ति के बिना एक विस्तृत तीव्रता स्पेक्ट्रम को कवर करने में सक्षम बनाता है। यह डिज़ाइन ए-क्लास से लेकर एक्स-क्लास तक की सौर लपटों का अवलोकन करता है। • उच्च अस्थायी विभेदन: सोलेक्सएस (SoLEXS) सौर एक्स-रे डेटा को बहुत तेजी से रिकॉर्ड करने में सक्षम है, जो हर 1 सेकंड में स्पेक्ट्रल डेटा और हर 0.1 सेकंड में विस्तृत अस्थायी चैनल डेटा कैप्चर करता है। यह सौर लपटों के तीव्र विकास का अनुवर्तन करने के लिए आवश्यक है। • स्वदेशी रूप से विकसित पल्स प्रोसेसिंग: सोलेक्सएस (SoLEXS) में एक आंतरिक आवेश-संवेदनशील पूर्व-प्रावर्धक को सीधे एस डी डी के साथ एकीकृत किया गया है। कस्टम-निर्मित डिजिटल पल्स प्रोसेसर एल्गोरिदम एक एफ पी जी ए पर चलते हैं, जो बेहतर स्थिरता, बेहतर उच्च-दर प्रदर्शन और एक समर्पित "पाइल-अप" रिजेक्शन लॉजिक प्रदान करते हैं ताकि चरम सौर लपटों के दौरान सटीक स्पेक्ट्रल माप सुनिश्चित किए जा सकें।
संदर्भ● Sankarasubramanian, K., et al. (2025). Solar Low Energy X-ray Spectrometer (SoLEXS) on Board Aditya-L1 Mission. Solar Physics. DOI: 10.1007/s11207-025-02494-0● Bug, M., et al. (2026). Solar Low-Energy X-ray Spectrometer onboard Aditya-L1 mission: design and qualification. Journal of Astronomical Telescopes, Instruments, and Systems (JATIS). DOI: 10.1117/1.JATIS.12.2.026002 ● Sarwade, A. R., et al. (2025). Solar Low Energy X-ray Spectrometer on board Aditya-L1: ground calibration and in-flight performance. Journal of Astronomical Telescopes, Instruments, and Systems (JATIS). DOI: 10.1117/1.JATIS.11.4.045005 |






सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (SoLEXS) आदित्य-L1 पर लगा एक वैज्ञानिक उपकरण है, जो भारत की पहली समर्पित अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला है और लैग्रेंजियन बिंदु 1 (L1) पर संचालित होती है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सौर ज्वालाओं को समझना है, जो सौर वायुमंडल में चुंबकीय ऊर्जा के तीव्र उत्सर्जन से उत्पन्न होने वाले अचानक और अत्यधिक तीव्र विकिरण विस्फोट होते हैं। इन घटनाओं के अध्ययन के लिए सॉफ्ट एक्स-रे उत्सर्जन की निरंतर निगरानी आवश्यक है, क्योंकि ये ज्वाला गतिविधि और कोरोनल प्लाज्मा तापन का प्रत्यक्ष, वास्तविक समय माप प्रदान करते हैं। चित्र 1 इस क्षमता को दर्शाता है, जिसमें जनवरी 2024 से मई 2026 तक की अवधि को कवर करने वाला SoLEXS लाइट कर्व दिखाया गया है, जिसमें 15,000 से अधिक स्वचालित रूप से पता लगाई गई ज्वालाओं को कैप्चर किया गया है। SoLEXS को विशेष रूप से गतिशील निम्न-ऊर्जा एक्स-रे उत्सर्जन के निरंतर मॉनिटर के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस उपकरण को अंतरिक्ष खगोल विज्ञान समूह (SAG) ने URSC की विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से विकसित किया है।
सोलेक्सएस (SoLEXS) उपकरण, नरम एक्स-रे स्पेक्ट्रा को कैप्चर करने हेतु अत्याधुनिक संसूचक तकनीक, यानी ठोस-अवस्था सिलिकॉन ड्रिफ्ट संसूचकों का उपयोग करता है। यह उपकरण; -60°C और -40°C के तापमान पर प्रचालनरत दो एसडीडी संवेदकों-एसडीडी1 और एसडीडी2 से बने एक द्विक-एसडीडी (dual-SDD) अभिविन्यास का उपयोग करता है (चित्र 3)। इन संवेदकों में क्रमशः लगभग 7.1 मिमी² और 0.1 मिमी² के अलग-अलग द्वारक क्षेत्र हैं। इस दोहरे द्वारक अभिविन्यास का डिजाइन सौर एक्स-रे की तीव्रताओं की विस्तृत श्रृंखला को संभालने के लिए किया गया है, जिसमें शक्तिशाली एक्स-क्लास घटनाओं (एसडीडी2 का उपयोग करके) से लेकर कमजोर ए-क्लास सूक्ष लपटें (एसडीडी1 का उपयोग करके) शामिल हैं।